मनाली में सबसे ऊंचा बर्फ का शिवलिंग - प्रणाम पर्यटन

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रविवार, 16 जनवरी 2011

मनाली में सबसे ऊंचा बर्फ का शिवलिंग

 मनाली में सबसे 
  ऊंचा  बर्फ का  
    शिवलिंग
कुल्लू — पर्यटन नगरी मनाली के समीप दुनिया का सबसे बड़ा बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग प्रकट हुआ है। प्राकृतिक तौर पर बनने वाले इस शिवलिंग की ऊंचाई 30 फुट तक पहुंच चुकी है, जबकि यह शिवलिंग 40 फुट तक ऊंचा बनता है। इस शिवलिंग को अंजनी महादेव के नाम से जाना जाता है तथा सर्दियों के मात्र तीन माह में ही इसके दर्शन होते हैं। यह शिवलिंग 12050 फुट की  ऊंचाई पर स्थित है। लिहाजा जहां सांसें भी साथ छोड़ देती हैं वहां पर 30 फुट ऊंचे शिवलिंग को देखने के लिए श्रद्धालु जान जोखिम  में डाल कर पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि इस शिवलिंग के दर्शन से हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। यह शिवलिंग अमर नाथ के बाबा बर्फानी के  शिवलिंग से भी काफी बड़ा व ऊंचा  बनता है। यहां के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए, तो बताया जाता है कि माता अंजनी ने यहां मुक्ति पाने के लिए तपस्या की थी और उस दौरान भगवान शिव ने दर्शन  दिए थे तभी से यहां पर प्राकृतिक तौर पर बर्फ का शिवलिंग बनता है। इस शिवलिंग की देख रेख करने वाले बाबा नंदु ने बताया कि आज भी शिव भगवान रात 12 बजे अपने गणों  के साथ यहां आते हैं और यहां  नृत्य करते हैं। बाबा नंदु ने बताया कि हर रात यहां पर देवताओं का दरबार सजता है और सभी श्रद्धालु भगवान शिव सहित अन्य देवता गणों की आवाज को महसूस कर सकते हैं। खास बात यह है कि बर्फ के बीच नंगे पांव चलकर अंजनी महादेव के  दर्शन किए जाते हैं और श्रद्धालुओं को यह बर्फ नहीं काटती है। गौर रहे कि बर्फ मेें चलने से गैंगरिंग होती है, परंतु यहां पर ऐसा दैविक चमत्कार है कि बर्फ में नंगे  पांव चलने से भी श्रद्धालुओं का बाल बांका नहीं होता है। आजकल जहां शिवलिंग  को देखने के लिए श्रद्धालु मनाली से पैदल यहां पहुंच रहे हैं, वहीं विश्व भर का मीडिया भी यहां शिवलिंग को अपने कैमरे में कैद करने को यहां पहुंच रहा है। यह शिवलिंग विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सोलंग नाला से अढ़ाई किलोमीटर की चढ़ाई चढ़ने के बाद दिखाई देता है। यहां आज भी भगवान शिव व उनके गणों का दरबार सजता है इसके प्रत्यक्ष साक्षी बाबा नंदु हैं, जो पिछले क ई वर्षों से शिवलिंग की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने इस बात  का खुलासा किया है कि यह शिवलिंग फरवरी माह  तक 40 फुट तक की ऊंचाई छू जाता है और रोज रात यहां देवी-देवताओं की चहलकदमी की आवाज सुनाई देती है। उन्होेंने बताया कि माता अंजनी ने मुक्ति प्राप्ति के लिए इस स्थान पर तपस्या की थी और भगवान शिव ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए थे। इस स्थान पर पहुंचना खतरे से खाली नहीं है भारी बर्फ के बीच प्राकृतिक तौर पर विराजमान हुए बाबा बफ र्ानी के दर्शन के लिए अमर नाथ से पहले लोग मनाली पहुंच रहे हैं। एक ओर जहां अमर नाथ में बाबा बर्फानी का  शिविलिंग आठ से दस फीट तक ही रह पाता है, वहीं यहां भोले नाथ  क ा शिवलिंग 30 फु ट तक बन चुका है, जो जल्द ही 40 फुट तक पहुंच जाएगा।

2 टिप्‍पणियां:

  1. इस सार्थक लेख के लिए आपको हार्दिक बधाई।

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  2. हौसला अफजाई के लिए बहुत-बहुत आभार|

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